Friday, May 8, 2015

मेरी परछाई अक्सर मुझसे ये कहा करती है सुन तू दिन की रोशनी और मेरे संग में इतना न खो जाना कि जब रात आए तो अकेलेपन के खौफ़ में ही गुज़र जाये और इस सज़ा में तुझे नयी सुबह का इंतज़ार भी न रह पाये

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