दुनिया की इस भीडभाड में हर इंसान खोया खोया सा है
जाने कितने ही सपनों को आंखों में संजोया सा है
छोटी सी सफलता पर कुछ और पाने की अभिलाषा है
पर इक विफलता पर हर और घोर निराशा है
फ़िर कुछ करने का समेटते दिल में हौसला है
क्योंकि अभी मंजिल से कुछ और फासला है
आंखों में किसी की तलाश का हर पल बहता जलजला है
पाने उसे जाने कितने इम्तिहानों का सिलसिला है
पा लें जो उसे तो ज़िन्दगी संवरने के आसार है
पर उसके बिन तो जैसे सारा जीवन निराधार है
चाहत में जिसकी कई ग़लत रास्ता इख्तियार करते हैं
पर पाते वही जो सही रास्ते पग धरते हैं
जिसे पाने की सब रब से दुआएं मांगते हैं
उसे उनकी पहचान, उनका वज़ूद, उनका "अस्तित्व" कहते हैं!!!
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