इस दुनिया की दिलकश बगिया में महकती बहार है इक मुस्कान
उस ईश्वर की इनायत का नायब तोहफा है इक मुस्कान
दिल से दिल का नाता जोड़ देती है इक मुस्कान
बिन कुछ कहे बहुत कुछ बोल देती है इक मुस्कान
दुश्मनी की दीवारों को तोड़ देती है इक मुस्कान
अधूरी राहों को नया निशा देती है इक मुस्कान
मुश्किल घड़ियों में हौंसला समेटती है इक मुस्कान
अंधियारों में रोशनी की छटा बिखेरती है इक मुस्कान
दिलों को सुकून, चेहरों को निखार देती है इक मुस्कान
सच पूछें तो हर दिल का ख़्वाब होती है इक मुस्कान
हर सौंदर्य का अस्तित्व होती है इक मुस्कान
बेमोल होकर भी अनमोल होती है इक मुस्कान
मोल, सामर्थ्य को जानकर इस मुस्कान के
क्यूँ न हम भी आजमायें कुदरत का नज़राना इक मुस्कान
बिखेरें निःस्वार्थ, अदद, चुलबुली, निर्मल सी इक मुस्कान!! :)
2 comments:
badlon ke gargarhat odhey barish ki khanakti ek muskaan,
Gam ke ghanti mein akansha bhari iss muskaan ki yeh hain ek muskaan.
bahut bahut dhanyawaad sweta!!! :)
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